मुरैना जिले के स्थानीय लोगों के लिए बड़ी खबर है। सालों से बंद पड़ी अपनी कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया एमएसएमई विभाग ने शुरू कर दी है, जिससे रोजगार के नए मौके बनेंगे।

मुरैना जिले के लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर है, लंबे समय से बंद पड़ी अपनी कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की कवायद अब काफी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद एमएसएमई विभाग ने अपनी इस पुरानी मिल को लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार को पूरी उम्मीद है कि मिल के दोबारा चालू होने से अपने इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
अपनी कैलारस शुगर मिल को लेकर 19 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक बहुत ही अहम फैसला लिया गया था। इसके तहत मिल की जमीन और संपत्तियाँ एमएसएमई विभाग को सौंप दी गई हैं। इसके बाद अब मिल को फिर से शुरू करने के लिए बड़े निवेशकों और इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।
एमएसएमई विभाग के मुताबिक कैलारस शुगर मिल को 'जैसी है, जहां है' के आधार पर ही लीज पर देने की योजना है। मिल की शुरुआती लीज अवधि 30 साल रखी गई है। काम और परियोजना की जरूरत के आधार पर इसे आगे बढ़ाने का प्रावधान भी रखा जा सकता है। सरकार का सीधा सा उद्देश्य किसी ऐसी कंपनी या निवेशक को लाना है, जो अपनी इस मिल को दोबारा से अच्छे से चला सके।
मिल को लीज पर लेने के जो भी निवेशक और कंपनियां इच्छुक हैं, उनके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक लोग आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। अपनी कैलारस शुगर मिल की रौनक लौटाने के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव जमा करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर तय की गई है।
अपना प्रस्ताव देने से पहले इच्छुक निवेशकों को मिल की स्थिति और वहां पड़े संसाधनों को अच्छे से समझने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए साइट निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है। यह मिल मुरैना जिले में एनएच-552 पर रेलवे स्टेशन के एकदम पास स्थित है। यहां फैक्ट्री की बिल्डिंग, प्लांट और मशीनरी के साथ-साथ करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन भी उपलब्ध है।
कैलारस शुगर मिल के दोबारा शुरू होने से अपने आसपास के पूरे क्षेत्र को तगड़ा आर्थिक फायदा मिलने की उम्मीद है। मिलकर चलने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के ढेरों अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही गन्ने से जुड़े अपने किसानों, स्थानीय कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र को भी इसका बहुत बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
राज्य सरकार इस समय बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू करने और उपलब्ध संपत्तियों का सही इस्तेमाल करने पर पूरा जोर दे रही है। अपनी कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया भी इसी दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब हम सबकी नजर 15 सितंबर तक आने वाले प्रस्तावों और इसके बाद होने वाली प्रक्रिया पर टिकी है।

भोपाल शहर में शिक्षक भर्ती के पदों को बढ़ाने को लेकर चल रहे धरने पर बड़ी खबर है। सरकार ने साफ कह दिया है कि रिजल्ट के बाद पद नहीं बढ़ेंगे। उधर भूख हड़ताल पर बैठे युवाओं की तबीयत बिगड़ गई है।

मध्य प्रदेश के कृष्ण भक्तों और बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश के 81 मंदिरों में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव मनेगा और 4 सितंबर को अपने भोपाल सीएम हाउस में 1000 नन्हे कान्हा जुटेंगे।
मध्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए शानदार खबर आ गई है। कर्मचारी चयन मंडल ने पुलिस विभाग में एसआई और सूबेदार के 507 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है।
हर बड़ी ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ और लेटेस्ट अपडेट्स सीधे अपने फेसबुक फीड पर पाएं।
Follow Page